
रायपुर। सरकारी महकमा ही सरकारी खजाने को लूटने में लग जाए तब क्या होगा? ऐसा ही एक सनसनीखेज वाकया राज्य की सरकार की एक अति महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन के दौरान सामाने आया है। महतारी वंदन योजना की आड़ में शिक्षक और सरकारी कर्मचारियों की पत्नियां हितग्राही बन गईं। हितग्राही बनने के बाद उनके बैंक खाते में हर महीने सरकार की ओर से भेजी जाने वाली एक हजार रुपये की राशि जमा होने लगी।
सरकारी खजाने को लूटने की इस सुनियोजित साजिश का पता तब चला जब लगातार शिकायतें होने लगी। शिकायतों की जांच के बद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शिक्षकों के अलावा सरकारी कर्मचारियों की पत्नियां हितग्राही बन गई और योजना का लाभ भी उठाने लगी। इनके अलावा ऐसे अपात्र हितग्राही भी सामने आईं हैं जो योजना के लिए तय किए गए सरकारी मापदंड से बाहर थीं। अब इनसे वसूली की कार्रवाई राज्य सरकार के निर्देश पर शुरू कर दी गई है।
रायपुर जिले में बड़े पैमाने पर सामने आया फर्जीवाड़ा
छत्तीसगढ़ रायपुर जिले में ऐसे दो हजार से अधिक हितग्राहियों के नाम सामने आए जो मापदंडों को पूरा ना करने के बाद योजना का लाभ ले रही थीं। ऐसे हितग्राहियों की आईडी होल्ड करते हुए जांच के दायरे में लिया गया था, जांच के बाद सिर्फ 351 हितग्राही अपात्र पाई गईं थीं। अब इनसे 12 लाख रुपए की वसूली की जानी है। इसमें से अभी तक 189 अपात्र हितग्राहियों से कुल 6.72 लाख रुपए की वसूली हुई है। अभी भी 162 अपात्र हितग्राहियों से 4.75 लाख रुपए वसूली होनी बाकी है। विभागीय अधिकारी की मानें तो, वसूली की कार्रवाई जारी है।
प्रारंभिक जांच में 128 शासकीय सेवक व उनके रिश्तेदारों के नाम आया सामने
प्रारंभिक जांच में पाया गया था कि रायपुर जिले में 128 शासकीय सेवक व उनके रिश्तेदार इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। 42 शासकीय महिला कर्मचारियों व 78 शासकीय पुरुषों की पत्नी एवं 6 बेटी शामिल हैं। इसके अलावा दो पेंशनधारी महिलाएं भी हैं, जो रिटायरमेंट के बाद इस योजना का लाभ ले रही थीं। इन सभी की आईडी ब्लॉक करते हुए रिकवरी की कार्रवाई की गई है।
शैल ठाकुर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, रायपुर का कहना है, अपात्र हितग्राहियों से लाभ की राशि की वसूली की जा रही है। अभी तक 6.72 लाख रुपए की वसूली कर ली गई है। शेष हितग्राहियों से वसूली की कार्रवाई जारी है।
एक और बड़ा फर्जीवाड़ा
महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर के आंकड़ों के अनुसार अपात्र हितग्राहियों में इनकम टैक्स धारक 29, 21 वर्ष से कम आयु की 5, अविवाहित 11. पुरुष हितग्राही 7 तथा राज्य से बाहर रहने वाले 4 महिलाओं के नाम भी थे। इन सभी ने भी कई महीनों तक योजना का लाभ उठाया है, जिनसे रिकवरी की जानी है।
बिलासपुर जिले में शिक्षिका और कर्मचारियों की पत्नी हैं हितग्राही, इनकी संख्या 200 के पार
छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले में ऐसे लोगों की संख्या 200 से ज्यादा है। बिल्हा ब्लॉक में अकेले 11 मामले सामने आए हैं। राज्य शासन की आंखों में धुल झोंककर सरकारी खजाने को लूटने वाली महिला कर्मचारियों, शिक्षिकों से अब वसूली की कार्रवाई की जा रही है । बिल्हा बीईओ ने ऐसे शिक्षिकाओं और कर्मचारियों को राशि जमा करने का निर्देश दिया है। जिले के सभी बीईओ ने रिकवरी के लिए नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है।
महतारी वंदन योजना, पात्रता की मुख्य शर्तें
महिला छत्तीसगढ़ राज्य की स्थायी निवासी होनी चाहिए। विवाहित होनी चाहिए। इसके अलावा विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त (छोड़ी गई) महिलाएं भी पात्र हैं। आवेदन करने वाले वर्ष की 1 जनवरी तक महिला की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।
इनको नहीं मिलेगा योजना का लाभ
जिनके परिवार का कोई भी सदस्य आयकर (Income Tax) दाता हो। जिसके परिवार का कोई भी सदस्य केंद्र या राज्य सरकार के विभाग, बोर्ड, उपक्रम या स्थानीय निकाय में नियमित, स्थायी या संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत हो ।




