छत्तीसगढ़राज्य

एग्रीस्टैक में किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन और धान खरीदी की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश

रायगढ़: जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिले में संचालित शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करने और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, धान खरीदी, निर्माण कार्यों, राजस्व प्रकरणों और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए किसानों एवं उनके खसरों का एग्रीस्टैक में शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डीसीएस फेस-1, फेस-2 तथा बकेट क्लेम की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाए। उन्होंने डीसीएस संबंधी कार्यों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले एसडीएम एवं तहसीलदारों के प्रयासों की सराहना भी की। उन्होंने धान खरीदी शुरू होने से पहले सभी उपार्जन समितियों में सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों के खेतों के लैटीटयूड लांगीटयूड संबंधी विवरण की प्रविष्टि निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा।
कलेक्टर ने पोषण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले में संचालित ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान की समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में मुनगा का पौधा लगाने के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। उन्होंने आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्यालयों में शिविर आयोजित करने तथा दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड का लाभ दिलाने के लिए ‘सुगम्य सवेरा’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
बैठक में जिले के विद्यालयों में खराब पड़े स्मार्ट बोर्डों की मरम्मत एवं आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें। कलेक्टर ने जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए खनन प्रभावित क्षेत्रों में चिन्हांकित विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने विद्यालयों एवं उनके आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा आश्रमों एवं छात्रावासों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने को कहा। सड़क एवं अन्य अधूरे निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होने देने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से संबंधित परियोजनाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्माण स्थलों पर कार्यों की जानकारी देने वाले उपयुक्त सूचना बोर्ड लगाने को कहा गया। इसके साथ ही स्किल गैप असेसमेंट के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने शासकीय भूमि, सीमांकन और अवैध कब्जों से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अवैध रेत उत्खनन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश देते हुए उन्होंने अधिकारियों से शिकायतों के निराकरण में गंभीरता बरतने को कहा। श्रमिक परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का समग्र लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित श्रमिक परिवार समग्र उत्थान मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
जिले में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और केंद्र सरकार की प्रमुख वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक संतृप्ति अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए। सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रगति पर विशेष ध्यान देने को कहा।
आगामी जनगणना से संबंधित प्रशिक्षण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने प्रशिक्षण को व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक प्रक्रियाओं और दायित्वों की स्पष्ट जानकारी दी जाए, ताकि कार्यों का सुचारु संचालन सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने तथा शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर डॉ.प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम एवं शिल्पा भगत सहित जिला स्तरीय विभागीय उपस्थित थे।

 

 

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