
बालोद: जिले में संभावित भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार संभावित प्रभावित ग्रामों में ग्रामीणों की सुरक्षा, राहत एवं बचाव की तैयारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में आज जनपद सीईओ गुरूर पीएल धुर्वे ने आज संभावित रूप से प्रभावित ग्राम धनेली, मुड़पार, बासीन, अकलतरा और फागुन्दाह का भ्रमण कर ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने भारी बारिश के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तत्काल सूचना देने की समझाइश दी।
संभावित आपदा की स्थिति में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा राहत शिविरों का चिह्नांकन कर लिया गया है। साथ ही, जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रति पंचायत एक क्विंटल राशन सहित आवश्यक राहत सामग्री की व्यवस्था भी की गई है।
जिला प्रशासन द्वारा संभावित भारी बारिश के मद्देनजर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। नदी-नालों, निचले क्षेत्रों तथा जलभराव वाले स्थानों पर जाने से बचें और आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविरों में सुरक्षित आश्रय लें।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार प्रशासन का उद्देश्य संभावित आपदा के दौरान जनहानि को रोकना, प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराना तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पहले से सुनिश्चित करना है।



