छत्तीसगढ़राज्य

सेवा की कहानी : उम्र के पड़ाव पर मेहनतकश हाथों को मिला शासन का संबल, गणेश राम को सहायता का सहारा

रायपुर: जिंदगी भर मेहनत-मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारियां उठाने वाले हाथ जब उम्र के साथ कमजोर पड़ने लगते हैं, तब छोटी सी आर्थिक सहायता भी बड़ा सहारा बन जाती है। मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के ग्राम हाड़ीटोला निवासी गणेश राम के लिए मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना ऐसी ही राहत लेकर आई है। सेवा सेतु अभियान के तहत ग्राम आमाटोला में आयोजित शिविर में उन्हें योजना का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।
श्रमिक परिवार से आने वाले गणेश राम ने वर्षों तक मेहनत और परिश्रम के सहारे अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं। जीवन का लंबा समय श्रम करते हुए बीता, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ पहले की तरह मेहनत कर पाना कठिन होने लगा। श्रम करने की क्षमता कम हुई तो रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने की चिंता भी बढ़ने लगी।

ऐसे समय में मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना गणेश राम के लिए आर्थिक संबल बनकर सामने आई। गांव के नजदीक आयोजित सेवा सेतु शिविर में ही योजना से संबंधित प्रक्रिया पूरी हुई और उन्हें स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। इसके लिए उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। स्वीकृति पत्र हाथ में आते ही गणेश राम के चेहरे पर संतोष साफ दिखाई दिया। उनके लिए यह केवल किसी योजना का दस्तावेज नहीं, बल्कि उम्र के इस पड़ाव पर आर्थिक सुरक्षा और सहारे का भरोसा है।
गणेश राम बताते हैं कि जीवनभर उन्होंने मेहनत करके परिवार का पालन-पोषण किया। अब उम्र बढ़ने के कारण पहले जितना श्रम करना संभव नहीं है। ऐसे समय में शासन से मिलने वाली सहायता उनके लिए बड़ी राहत है। इससे उन्हें अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी और परिवार पर आर्थिक निर्भरता भी कुछ कम होगी।
गणेश राम ने कहा कि सहायता का यह भरोसा उनके लिए आर्थिक सहयोग के साथ सम्मान और आत्मविश्वास का भी आधार है। गांव के समीप सेवा सेतु शिविर आयोजित होने से योजना का लाभ आसानी से मिलने पर उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। गणेश राम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित योजनाएं कठिन परिस्थितियों में बड़ा सहारा बन रही हैं। उम्र के इस पड़ाव पर मिली सहायता ने उन्हें आगे का जीवन अधिक भरोसे और सम्मान के साथ जीने का संबल दिया है।

 

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