छत्तीसगढ़राज्य

विसर्जन में चाकूबाजी, नशाखोरी और हुड़दंग व डीजे पर रहेगी पुलिस की नजर

Police will keep a close watch on incidents of stabbing, substance abuse, rowdy behavior, and DJ activities during the immersion procession.

धमतरी। गणेशोत्सव, झांकी और विसर्जन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सोमवार को पुलिस और जिला प्रशासन ने गणेश समितियों, झांकी एवं विसर्जन समितियों के पदाधिकारियों के साथ शांति समिति की बैठक हुई।

बैठक में कानून-व्यवस्था, यातायात, डीजे, सुरक्षा और विसर्जन स्थल पर बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस ने चाकूबाजी, नशाखोरी, मारपीट, छेड़छाड़ और हुड़दंग जैसी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने की बात कही। बैठक में समितियों को निर्देशित किया गया कि झांकी और शोभायात्रा निर्धारित मार्ग से ही निकाले जाएं। शोभायात्रा में चाकू, तलवार, धारदार हथियार या किसी भी खतरनाक वस्तु का प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा। अश्लील, आपत्तिजनक या किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले नारे, गीत और प्रदर्शन से बचने को कहा गया।

शोभायात्रा के दौरान एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड सहित आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खुला रखने तथा समिति के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों को भीड़ नियंत्रण में पुलिस का सहयोग करने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने नशे की हालत में जुलूस में शामिल होने और वाहन चलाने से बचने की अपील की है। शराब, गांजा अथवा अन्य नशीले पदार्थों के सेवन, चाकूबाजी, मारपीट, छेड़छाड़ या हुड़दंग की सूचना तत्काल पुलिस को देने कहा गया है। डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित समय, ध्वनि सीमा और प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप करने तथा अस्पताल, स्कूल और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास तेज आवाज से बचने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डीसी पटेल, डीएसपी भानूप्रताप चंद्राकर, पीयूष तिवारी, नगर निगम उपायुक्त पीसी सार्वा, नायब तहसीलदार दुर्गेश तंवर, कोतवाली थाना प्रभारी राजेश जगत, यातायात प्रभारी खेमराज साहू सहित गणेश समिति, झांकी एवं विसर्जन समिति के पदाधिकारी तथा पुलिस और प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
विसर्जन के दौरान निर्धारित स्थल और मार्ग का ही उपयोग करने, नदी-तालाब में गहरे पानी में नहीं जाने तथा बच्चों को अकेले विसर्जन स्थल पर नहीं भेजने की हिदायत दी गई। ट्रैक्टर, ट्रक या अन्य वाहनों में क्षमता से अधिक लोगों को नहीं बैठाने और वाहन पर खड़े होकर यात्रा नहीं करने कहा गया। विसर्जन स्थल पर भीड़ नियंत्रण में स्वयंसेवकों से सहयोग लेने के साथ जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्था अपनाने पर भी जोर दिया गया। यातायात सुरक्षा के तहत दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट का उपयोग करने, तेज गति, स्टंट और लापरवाही से वाहन चलाने से बचने की अपील की गई। जुलूस के दौरान सड़क पर अनावश्यक भीड़ या वाहन खड़ा कर यातायात बाधित नहीं करने कहा गया।

 

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