गरियाबंद। राजिम कुंभ कल्प में आठवें दिन सांस्कृतिक मंच पर कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की सुंदर प्रस्तुति देकर दर्शकों का भरपूर ...
गरियाबंद। राजिम कुंभ कल्प में आठवें दिन सांस्कृतिक मंच पर कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की सुंदर प्रस्तुति देकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। लीलाधर साहू ने लोककला मंच के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति को दर्शाते हुए सुपरहिट गीत और नृत्य से दर्शकों को मंत्र मुग्ध किया। गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए बेल तरी बेलन..., हाय रे डारा लोर..., जप हर-हर-हर भोला..., तोर पैरी के रुनझुन..., काबर तै मारे मोला..., छोड़ के मोला..., जैसे पॉपुलर छत्तीसगढ़ी गीत -नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से दर्शक झूम उठें। कर्मा नृत्य सड़के..सड़के की प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इसी मंच पर गुंजन तिवारी ने सुंदर हाव भाव के साथ ताल से ताल मिलाते हुए कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी। केशव राम भाटापारा, ममता शिंदे, ईश्वर देवांगन साहू ने भी लोक कला मंच से अंत तक दर्शकों को झूमने के लिए विवश कर दिया। कलाकारों का सम्मान संयुक्त कलेक्टर राकेश गोलछा, राजिम एसडीएम विशाल महाराणा द्वारा किया गया।
इसी तरह दोपहर 12 बजे से स्थानीय मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत सतनाम बालिका पंथी दल द्वारा पंथी नृत्य से हुआ। बिजली की गति से पंथी नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर बालिका पंथी नृत्य ने दर्शकों की काफी ताली बटोरी। शुक्ला भाटा से आई फाग मंडली ने फाग गीत गाकर गीतों के माध्यम से ऐसा रंग बरसाया कि फाग गीत के रंग से दर्शक सराबोर हो गए। अकलवारा से आई मानस गायन मंडली ने मानस के चौपाइयों पर रामायण के प्रसंगों का वरण किया। सुमधुर वाणी से राम की वर्णनात्मक व्याख्या से श्रोता भक्ती में डूब गए। पोड़ की सतनाम मंगल भजन मंडली ने बाबा गुरु घासीदास के दर्शन और उद्देश्यों को गीतों के माध्यम से श्रोताओं को जोड़ने का प्रयास किया। सुमधुर भजनों की धून पर दर्शक झूम उठे। वनवरद अहिरवारा की लोक मंच के कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी गीतों पर अपनी प्रस्तुति देकर छत्तीसगढ़ की लोक कला से दर्शकों को जोड़ते हुए भरपूर मनोरंजन किया। इसके बाद पोखरा कॉकस गीत मंडली ने जस गीत गाकर पूरे पंडाल में भक्ती रस बिखेरा कि दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए। राजिम के प्रयाग साहित्य एवं त्रिवेणी साहित्य समिति के कवियों द्वारा कवि सम्मेलन में अपनी कविता, गीत, गजल द्वारा दर्शकों को खूब गुदगुदाया।
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